सीसी रोड चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट,
मिडिया के सवाल पर SDO ने कहा होगी कार्यवाही
जशपुर। जिले के ग्राम पंचायत दुलदुला के सोकोडीपा मोहल्ले में 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए गए सीसी सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लाखों रुपये की लागत से बनाई गई दो सीसी सड़कें निर्माण के तुरंत बाद ही विवादों में घिर गई हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानव श्रम के बजाय पूरी तरह एजाक्स मशीन का उपयोग किया गया, जिससे सड़क की मजबूती पर सीधा असर पड़ा है। जबकि नियमानुसार सीसी सड़क निर्माण में वाइब्रेटर मशीन का प्रयोग अनिवार्य होता है, ताकि कंक्रीट ठीक से सेट हो सके। मौके पर वाइब्रेटर का उपयोग नहीं किए जाने से सड़क की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
अमानक रेत और असमान सतह का आरोप
ग्रामीणों ने निर्माण में अमानक रेत (बालू) के उपयोग का भी आरोप लगाया है। सड़क की सतह जगह-जगह असमान है और कई हिस्सों में कंक्रीट की परत बेहद पतली बताई जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में सड़क पर दरारें और गड्ढे पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
नियमों की खुली अनदेखी
जानकारी के अनुसार,
पहली सड़क सोकोडीपा के कृष्णा मंदिर से चंपावती के घर तक बनाई गई है।
दूसरी सड़क कृष्णा होटल के पास लगभग 30 मीटर लंबी है।
नियमों के तहत सीसी सड़क में हर 3 मीटर पर थर्माकोल या कांच का टुकड़ा डालना आवश्यक होता है, ताकि तापमान परिवर्तन से सड़क में क्रैक न आए। लेकिन आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
कागजों में गुणवत्ता, जमीन पर नहीं
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत और निर्माण एजेंसी की मिलीभगत से केवल कागजों में गुणवत्ता दर्शाई जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत में सरकारी राशि की खुलेआम बर्बादी की जा रही है।
SDO का बयान
मामले पर दुलदुला एसडीओ श्री पैकरा ने मीडिया से कहा कि “अनियमितताओं की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। जल्द ही मौके पर पहुंचकर जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
बहरहाल अब देखना यह होगा कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या फिर वास्तव में घटिया निर्माण पर कार्रवाई होती है।