जशपुर पुलिस को मिले 13 नए ‘स्टार’, थानों में संभालेंगे मोर्चा; डीआईजी-एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने दी बड़ी जिम्मेदारी।
मैदानी प्रशिक्षण से निखरेंगे नए उप निरीक्षक, कानून-व्यवस्था से लेकर अपराध विवेचना तक सीखेंगे पुलिसिंग के गुर।
जशपुर। जशपुर पुलिस को 13 नए प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की सौगात मिली है। पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर के आदेशानुसार जिले में 13 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को मैदानी एवं जिला स्तरीय व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए पदस्थ किया गया है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों की जिले के विभिन्न थानों में तैनाती करते हुए उनके प्रशिक्षण की रूपरेखा तय की है।
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षक संबंधित थाना क्षेत्रों में रहकर पुलिस कार्यप्रणाली के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं का गहन अध्ययन करेंगे। वे अनुभवी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मार्गदर्शन में कानून-व्यवस्था संधारण, अपराध विवेचना, जनसंपर्क, पुलिस प्रशासन तथा फील्ड पुलिसिंग की बारीकियों को सीखेंगे।
जारी आदेश के अनुसार संतोष कुमार चौरसिया को थाना तपकरा, राजकुमार को थाना कांसाबेल, नीलमणी निषाद को थाना कुनकुरी, जय प्रकाश को थाना पत्थलगांव, संतोष कुमार वर्मा को थाना नारायणपुर, शेखर सिंह राजपूत को थाना लोदाम, जितेंद्र साहू को थाना जशपुर, शेषनारायण दीवान एवं माधुरी वर्मा को थाना बगीचा, मोहन लाल मरकाम को थाना बागबहार, देविका लक्ष्मी मरकाम को थाना कुनकुरी तथा विम्बलेश्वरी मरकाम को थाना जशपुर में प्रशिक्षण हेतु पदस्थ किया गया है।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षु अधिकारियों को बेसिक पुलिसिंग, बीट आरक्षक, संत्री ड्यूटी, रात्रिकालीन गश्त, सिटी पेट्रोलिंग, मुलजिम पेशी, मालमुंशी, कोर्ट मुहर्रिर, आरक्षक मोहरीर तथा प्रधान आरक्षक स्तर के विभिन्न दायित्वों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए संबंधित थाना प्रभारियों को प्रशिक्षु अधिकारियों को समुचित मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी प्रशिक्षुओं के लिए मासिक अटैचमेंट रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि यह व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रशिक्षु अधिकारियों के व्यक्तित्व विकास एवं पेशेवर दक्षता को मजबूत करेगा। इससे वे भविष्य में आमजन की अपेक्षाओं के अनुरूप संवेदनशील, सक्षम और जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी भूमिका का बेहतर निर्वहन कर सकेंगे।