उत्कर्ष योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: 6.79 लाख सालाना आय वाले शिक्षक ने 75 हजार की आय बताकर बेटी का कराया मुफ्त एडमिशन, आरोपी चमर साय पैंकरा गिरफ्तार,

उत्कर्ष योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: 6.79 लाख सालाना आय वाले शिक्षक ने 75 हजार की आय बताकर बेटी का कराया मुफ्त एडमिशन, आरोपी चमर साय पैंकरा गिरफ्तार

गरीब प्रतिभावान बच्चों का हक मारने वाला शिक्षक पहुंचा जेल, पत्थलगांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई

जशपुर की महत्वाकांक्षी पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना में फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाभ लेने के मामले में जशपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शासकीय शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी शिक्षक पर अपनी वास्तविक आय छुपाकर गलत आय प्रमाण पत्र और मिथ्या शपथ पत्र के आधार पर पुत्री का निःशुल्क प्रवेश कराने का आरोप है।

जशपुर जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर पत्थलगांव पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपी चमर साय पैकरा (41 वर्ष) निवासी ग्राम जामझोर, तहसील पत्थलगांव को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ददिबल प्रसाद विश्वकर्मा ने थाना पत्थलगांव में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी शिक्षक ने अपनी वास्तविक आय छुपाते हुए मात्र 75 हजार रुपये वार्षिक आय दर्शाकर आय प्रमाण पत्र बनवाया और उसी के आधार पर शैक्षणिक सत्र 2024-25 में अपनी पुत्री का प्रवेश पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना के तहत कक्षा 6वीं में कराया।

जांच के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त वेतन अभिलेखों में आरोपी की वास्तविक वार्षिक आय लगभग 6 लाख 79 हजार 471 रुपये पाई गई। वहीं आदिवासी विकास विभाग और अन्य दस्तावेजों की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने स्वयं को कृषक बताते हुए अपनी वास्तविक आय छुपाई और शासकीय योजना का अनुचित लाभ प्राप्त किया।

पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी के इस कृत्य से योजना के वास्तविक पात्र एवं आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान विद्यार्थियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक 55/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) में मामला दर्ज कर विवेचना की गई।

विवेचना के दौरान आरोप प्रमाणित पाए जाने पर पुलिस ने 30 मई 2026 को आरोपी चमर साय पैकरा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

मामले की जांच एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई में निरीक्षक विनीत कुमार पाण्डेय, सहायक उपनिरीक्षक लखेश कुमार साहू, आरक्षक राजेन्द्र रात्रे तथा साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में फर्जी दस्तावेज, मिथ्या जानकारी अथवा धोखाधड़ी कर लाभ लेने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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