प्रशासन की छत्रछाया में अवैध ईंट भट्ठा माफियाओं का राज! बिना अनुमति सालों से चल रहा अवैध ईंट भट्ठा, नाबालिगों से मजदूरी, बिजली चोरी और कोयला डंप का खुला खेल

दीपक वर्मा - कुनकुरी 
लोकेशन - फ़रसाबहार
22/02/2026

*प्रशासन की छत्रछाया में अवैध ईंट भट्ठा माफियाओं का राज!*

बिना अनुमति सालों से चल रहा अवैध ईंट भट्ठा, नाबालिगों से मजदूरी, बिजली चोरी और कोयला डंप का खुला खेल


कुनकुरी - फरसाबहार विकासखंड के बलुआबहार, कंदईबहार, पमशाला क्षेत्र से प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर देने वाली एक सनसनीखेज और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जहां ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना कई वर्षों से अवैध ईंट भट्ठे का संचालन किया जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग आज तक आंख मूंदे बैठे हैं।

*नाबालिगों से कराया जा रहा खतरनाक काम*

बता दें कि इस अवैध ईंट भट्ठे में नाबालिग बच्चों से भी मजदूरी कराई जा रही है, जो न सिर्फ कानूनन अपराध है बल्कि मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन भी। बाल श्रम रोकने के दावे करने वाला प्रशासन यहां पूरी तरह मौन नजर आ रहा है।

*बिजली चोरी और कोयले का अवैध डंप*

मीटर बंद/भट्ठे में सीधे बिजली लाइन से चोरी कर संचालन किया जा रहा है। वहीं खुले क्षेत्र में अवैध रूप से कोयला डंप कर पर्यावरण नियमों की भी सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। न बिजली विभाग की कार्रवाई, न खनिज विभाग की जांच—सब कुछ सवालों के घेरे में।

*प्रशासनिक संरक्षण का आरोप*

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब कुछ प्रशासनिक संरक्षण में हो रहा है। तभी तो सालों से अवैध गतिविधियां चलने के बावजूद न कोई नोटिस, न सीलिंग, न FIR। क्या यही “सुशासन” है?

*❓ कई बड़े सवाल*

बिना पंचायत अनुमति भट्ठा कैसे चल रहा?

नाबालिग मजदूरी पर बाल संरक्षण इकाई चुप क्यों?

बिजली चोरी पर विभागीय कार्रवाई कहां है?

कोयला डंप और पर्यावरण उल्लंघन पर कौन जिम्मेदार?

स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने तत्काल जांच, भट्ठे की सीलिंग, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्रवाई की मांग की है।

बहरहाल अब देखना यह है कि प्रशासन खबर के बाद हरकत में आता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा।

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