“जशपुर में PDS घोटाला उजागर: 8.39 लाख के 33 हजार बोरी गबन, ठेकेदार समेत खरीददार गिरफ्तार”

“जशपुर में PDS घोटाला उजागर: 8.39 लाख के 33 हजार बोरी गबन, ठेकेदार समेत खरीददार गिरफ्तार”

 जशपुर | कांसाबेल से बड़ी खबर

जशपुर जिले के कांसाबेल थाना क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। करीब 8 लाख 39 हजार 500 रुपये कीमत के 33 हजार 850 नग बारदानों (बोरियों) के गबन मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी रिजवान अली और बारदानों के खरीददार सुधीर साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

यह कार्रवाई जिला विपणन अधिकारी अजय कुमार ठाकुर की शिकायत के आधार पर की गई। उनके द्वारा 8 सितंबर 2025 को थाना कांसाबेल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 408, 420 और 411 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

🔍 कैसे हुआ घोटाला?

जांच में सामने आया कि वर्ष 2022-23 में शासकीय उचित मूल्य दुकानों से पीडीएस बारदानों के संकलन और परिवहन का कार्य अनुबंध के आधार पर रिजवान अली को सौंपा गया था।

आरोप है कि आरोपी ने कांसाबेल विकासखंड की दुकानों से बारदानों को एकत्रित तो किया, लेकिन उन्हें विपणन संघ कुनकुरी के गोदाम में जमा नहीं किया। इसके बजाय लगभग 33 हजार 580 बारदानों का गबन कर दिया गया।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर जशपुर द्वारा जांच समिति गठित की गई थी, जिसमें गबन की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस कप्तान डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई।

पुलिस टीम ने सूरजपुर से मुख्य आरोपी रिजवान अली और अंबिकापुर से खरीददार सुधीर साहू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

जब्ती भी हुई

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन (MP 65 GA 0244) और 4000 नग बारदानों को भी जब्त किया है। शेष बारदानों की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।

इनकी रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में उप निरीक्षक अशोक यादव, सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार यादव, आरक्षक राजकुमार भगत, सुभाष चंद्र बोस और नगर सैनिक जोगेंद्र यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 बड़ा सवाल:?

सरकारी योजनाओं से जुड़े इस तरह के घोटाले आम लोगों के हक पर सीधा हमला हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे और कौन-कौन सामने आता है और प्रशासन कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।
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