दीपक वर्मा - कुनकुरी
06/04/2026
*23 साल बाद पलटा फैसला: राम अवतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी दोषी, उम्रकैद की सजा*
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड (2003) में बड़ा कानूनी उलटफेर सामने आया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट के पुराने निर्णय को पलट दिया है और अमित जोगी को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने CBI की अपील (ACQA No. 66/2026) को स्वीकार करते हुए यह बड़ा फैसला दिया।
कोर्ट ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (अपराधिक साजिश) के तहत दोषी करार दिया। इसके साथ ही उन्हें उम्रकैद और 1,000 रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में 6 महीने अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी:
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा—
“एक ही गवाही के आधार पर कुछ आरोपियों को सजा देना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी करना कानूनी रूप से गलत और असंगत है।”
हाईकोर्ट के अपलोडेड ऑर्डर में आजीवन कारावास का 02 अप्रैल को हाईकोर्ट ने अमित जोगी को दोषी करार किया था।
क्या था मामला?
वर्ष 2003 में कांग्रेस नेता राम अवतार जग्गी की हत्या हुई थी।
2007 में ट्रायल कोर्ट ने अमित जोगी को बरी कर दिया था।
जबकि चिमन सिंह, याह्या ढेबर, अभय गोयल, फिरोज सिद्दीकी समेत 28 आरोपियों को सजा मिली थी।
बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामला दोबारा खोला गया।
राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज
इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, क्योंकि दोषी करार दिए गए अमित जोगी, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे हैं।
करीब दो दशक बाद आया यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है, जिसने एक बार फिर यह साबित किया कि कानून की पकड़ से कोई नहीं बच सकता।