मोदी की गारंटी याद दिलाने सड़कों पर उतरीं मितानिनें, हजारों महिलाओं ने किया शक्ति प्रदर्शन, संविलियन, 50% मानदेय वृद्धि और ठेका प्रथा खत्म करने की मांग; मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

मोदी की गारंटी याद दिलाने सड़कों पर उतरीं मितानिनें, हजारों महिलाओं ने किया शक्ति प्रदर्शन, 

संविलियन, 50% मानदेय वृद्धि और ठेका प्रथा खत्म करने की मांग; मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

जशपुर। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के आह्वान पर बुधवार को जशपुर जिला मुख्यालय में हजारों मितानिन बहनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। 

रणजीता स्टेडियम में आयोजित एक दिवसीय सांकेतिक धरने में जिले के विभिन्न विकासखंडों से पहुंचीं मितानिनों ने सरकार को चुनावी वादे याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

हाथों में छाता और गोद में छोटे बच्चों को लेकर धरना स्थल पर पहुंचीं मितानिनें "मोदी की गारंटी पूरी करो" के नारों के साथ अपनी मांगों को लेकर मुखर नजर आईं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्होंने भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों पर विश्वास कर समर्थन दिया था और अब सरकार से उन वादों को पूरा करने की अपेक्षा है।

तीन प्रमुख मांगों पर अड़ीं मितानिनें

मितानिन संघ द्वारा कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपे गए दो पृष्ठीय ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं—

▶️ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में संविलियन कर मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को नियमित किया जाए तथा 24 वर्षों के अनुभव को देखते हुए शिक्षा, आयु एवं रोस्टर संबंधी शर्तों में वन टाइम रिलैक्सेशन दिया जाए।

▶️ चुनावी घोषणा पत्र के अनुरूप मानदेय एवं क्षतिपूर्ति राशि में तत्काल 50 प्रतिशत वृद्धि की जाए।

▶️ मितानिन कार्यक्रम को निजी एनजीओ के हवाले करने की प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए ठेका प्रथा समाप्त की जाए। संघ ने स्पष्ट किया कि मितानिन कर्मचारी किसी भी निजी संस्था के अधीन कार्य नहीं करेंगे।

महिला सशक्तिकरण का बड़ा मुद्दा

संघ का कहना है कि मितानिन कार्यक्रम से जुड़ी अधिकांश महिलाएं ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आती हैं। ऐसे में उनका संविलियन न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम होगा, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती प्रदान करेगा।

जिलेभर से जुटीं हजारों मितानिनें

धरना प्रदर्शन में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से बड़ी संख्या में मितानिन बहनें, मास्टर ट्रेनर, हेल्प डेस्क कर्मी एवं ब्लॉक समन्वयक शामिल हुए। ज्ञापन की प्रतिलिपि स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक तथा संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।

बड़ी बात

मितानिनों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को याद दिलाने के लिए है। अब नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इन मांगों पर क्या फैसला लेती है।

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