सरगुजा रेंज में पहुंचे 78 नए प्रशिक्षु उपनिरीक्षक, आईजी दीपक कुमार झा ने दिए व्यवहारिक प्रशिक्षण के गुर।
जशपुर / पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर के आदेशानुसार सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में पदस्थ किए गए नए प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से रेंज आईजी दीपक कुमार झा ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित बैठक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को थाना एवं मैदानी क्षेत्रों में बेहतर कार्य निष्पादन, व्यवहारिक प्रशिक्षण तथा जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
सरगुजा रेंज के अंतर्गत जिला सरगुजा में 14, सूरजपुर में 15, बलरामपुर में 16, जशपुर में 13, एमसीबी में 12 तथा कोरिया जिले में 8 नए प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों की पदस्थापना कर उन्हें व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए इकाई स्तर पर तैनात किया गया है।
बैठक में सरगुजा जिले के 14 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे, जबकि अन्य जिलों के प्रशिक्षु उपनिरीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल, सीएसपी राहुल बंसल तथा रक्षित निरीक्षक तृप्ति सिंह राजपूत सहित विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए।
आईजी दीपक कुमार झा ने सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों का परिचय प्राप्त कर उनकी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि पुलिस सेवा की नींव होती है और इसी दौरान सीखे गए अनुभव भविष्य में एक सक्षम पुलिस अधिकारी बनने में सहायक होते हैं।
उन्होंने प्रशिक्षुओं को कानून-व्यवस्था, अपराध विवेचना, साइबर फ्रॉड की जांच, सीसीटीएनएस संचालन, बीट पुलिसिंग, संत्री ड्यूटी, न्यायालयीन कार्यवाही, मुल्जिम पेशी, समन-वारंट तामील, गुमशुदगी प्रकरण, मर्ग जांच, महिला एवं बाल अपराधों की विवेचना सहित पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं का गंभीरता से अध्ययन करने की सलाह दी।
आईजी ने विशेष रूप से जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार, पीड़ितों से शालीनतापूर्वक संवाद, महिला एवं बाल मामलों में सतर्कता, मानवाधिकारों के सम्मान तथा पुलिस की सकारात्मक छवि निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, समयपालन, वर्दी की मर्यादा और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक के अंत में आईजी ने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ऐसे दक्ष और जिम्मेदार पुलिस अधिकारी तैयार करना है, जो कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, विवेचना और जनसेवा के क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा सकें।