🚨 सड़क सुरक्षा पर जशपुर पुलिस का बड़ा अभियान: हर ग्रामसभा में पारित हुआ ‘यातायात संकल्प’, हेलमेट पहनने की ली शपथ

🚨 सड़क सुरक्षा पर जशपुर पुलिस का बड़ा अभियान: हर ग्रामसभा में पारित हुआ ‘यातायात संकल्प’, हेलमेट पहनने की ली शपथ

कुनकुरी 
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस ने एक ऐतिहासिक और जनभागीदारी आधारित पहल की है। डीआईजी डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देश पर 24 जून को जिले की सभी ग्राम सभाओं में ‘यातायात नियमों के पालन’ का विशेष प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

इस अनूठे अभियान के तहत जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी गांव-गांव पहुंचे तथा जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों को सुरक्षित यातायात का संकल्प दिलाया। पुलिस ने लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

ढोढ़ीडांड में थाना प्रभारी ने दिया भावनात्मक संदेश

कुनकुरी थाना प्रभारी उप निरीक्षक राकेश सिंह अपनी टीम के साथ ग्राम ढोढ़ीडांड पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों और राहगीरों के बीच जन चौपाल आयोजित कर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।

थाना प्रभारी उप निरीक्षक राकेश सिंह ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि बिना हेलमेट दुपहिया वाहन न चलाएं और हमेशा याद रखें कि घर पर आपका परिवार सुरक्षित लौटने का इंतजार कर रहा होता है।

क्यों खास है यह अभियान?

ग्रामसभा के माध्यम से यातायात जागरूकता को ग्रामीण व्यवस्था से जोड़ा गया।
पुलिस और जनता के बीच संवाद एवं विश्वास को मजबूत किया गया।
सड़क सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
ग्रामीणों ने एक-दूसरे को हेलमेट पहनने और सुरक्षित वाहन चलाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

जनभागीदारी से सड़क सुरक्षा की नई मिसाल

जशपुर पुलिस की यह पहल केवल एक जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के जमीनी कार्यक्रमों से यातायात नियमों के प्रति लोगों की समझ बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
जिलेभर में डीआईजी डॉ. लाल उम्मेद सिंह के इस अभिनव प्रयास की सराहना की जा रही है। 
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल को लगातार आगे बढ़ाया गया तो यह सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल बन सकता है।

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