सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने, अब समझाइश नहीं, होगी सख्त कार्रवाई: बिना हेलमेट और यातायात नियम तोड़ने वालों पर जशपुर पुलिस का विशेष अभियान जल्द होगा शुरू
जशपुर | 28 जून 2026
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने और लोगों में सुरक्षित यातायात की आदत विकसित करने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस ने जिलेभर में रविवार को व्यापक सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान चलाया।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों को रोककर यातायात नियमों की जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को लगभग एक घंटे तक सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों पर आधारित जागरूकता फिल्म दिखाई गई। फिल्म में हेलमेट नहीं पहनने, तेज रफ्तार, नशे की हालत में वाहन चलाने तथा लापरवाही से वाहन चलाने के गंभीर परिणामों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।
इसके बाद सभी वाहन चालकों को "सड़क सुरक्षा के सात वचन" की शपथ दिलाई गई। इसमें हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने तथा सभी यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प दिलाया गया।
जशपुर पुलिस द्वारा पिछले कई दिनों से जनचौपाल, बाइक रैली, वीडियो संदेश, विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगातार सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों का जीवन बचाना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल पुलिस लोगों को समझाइश देकर जागरूक कर रही है, लेकिन आगामी दिनों में जिलेभर में विशेष चालानी अभियान चलाया जाएगा।
बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त चालानी एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जशपुर पुलिस की अपील
जशपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं एवं अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा आईएसआई मानक का हेलमेट पहनें, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएँ और निर्धारित गति सीमा का पालन करें।
"याद रखें... चालान का पैसा दोबारा कमाया जा सकता है, लेकिन दुर्घटना में खोया हुआ जीवन कभी वापस नहीं आता। हेलमेट आपकी पहचान नहीं, आपकी सुरक्षा है।"