छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ की शिक्षक हित में बड़ी पहल,,, प्रदेश अध्यक्ष श्री धर्मदास बंजारे के नेतृत्व में डीपीआई एवं स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया, प्रदेशभर में शिक्षक हितों के लिए तेज हुआ अभियान

छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ की शिक्षक हित में बड़ी पहल। 
प्रदेश अध्यक्ष श्री धर्मदास बंजारे के नेतृत्व में डीपीआई एवं स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया, प्रदेशभर में शिक्षक हितों के लिए तेज हुआ अभियान।

जशपुर / छत्तीसगढ़ 
छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ ने एक बार फिर यह साबित किया है कि संगठन केवल सदस्यता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षक हितों की लड़ाई को शासन के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय है। इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष श्री धर्मदास बंजारे के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) एवं स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, नवा रायपुर को प्रदेश के शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित 10 सूत्रीय विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजाति (पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर) समुदाय के सहायक शिक्षकों को विभागीय D.El.Ed. प्रशिक्षण शासन द्वारा कराए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संघ ने कहा कि वर्तमान में विभागीय D.El.Ed. प्रशिक्षण में वरिष्ठता के आधार पर सीमित चयन होने के कारण अनेक शिक्षक प्रशिक्षण से वंचित रह जाते हैं, जबकि नियुक्ति के समय शासन ने उन्हें सेवा का अवसर प्रदान किया है। ऐसे में प्रशिक्षण की व्यवस्था करना भी शासन की जिम्मेदारी है। यदि समय पर प्रशिक्षण उपलब्ध नहीं कराया गया तो अनेक शिक्षकों के नियमितीकरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जो न्यायोचित नहीं होगा।

इसके साथ ही ज्ञापन में सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना, VSK ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान, पदोन्नति में वरिष्ठता का पालन, केंद्र के समान महंगाई भत्ता, वेतनमान एवं क्रमोन्नत वेतनमान संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, रिक्त समन्वयक पदों पर नियुक्ति तथा डीडीओ व्यवस्था में आवश्यक सुधार जैसी लंबे समय से लंबित मांगों को भी प्रमुखता से रखा गया।

छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ, जिला जशपुर के जिलाध्यक्ष श्री मुकेश कुमार ने बताया कि संगठन केवल ज्ञापन देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करता, बल्कि प्रत्येक मांग के समाधान तक लगातार प्रयास करता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश नेतृत्व द्वारा डीपीआई एवं स्कूल शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपे जाने के साथ-साथ जशपुर जिले में भी क्षेत्रीय विधायक, जिला कलेक्टर तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों की समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा गया है। संगठन का उद्देश्य प्रत्येक शिक्षक की आवाज को उचित मंच तक पहुंचाना और उसके अधिकारों की रक्षा करना है।

उन्होंने आगे कहा कि आज प्रदेश के हजारों शिक्षक संगठन से इसलिए जुड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें यह विश्वास है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ केवल वादे नहीं करता, बल्कि शिक्षक हितों के लिए लगातार कार्य करता है। संगठन की प्रत्येक पहल का उद्देश्य शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना है।

प्रदेश अध्यक्ष श्री धर्मदास बंजारे ने भी कहा कि संगठन सदैव शिक्षकों की न्यायोचित मांगों के साथ खड़ा रहा है और भविष्य में भी पूरी मजबूती के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक संघ संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज शासन तक पहुंचाता रहेगा।

इधर जशपुर जिले में संगठन विस्तार एवं सदस्यता अभियान को भी व्यापक गति मिली है। जिले के सभी विकासखंडों में ब्लॉक अध्यक्ष लगातार शिक्षकों से संपर्क कर उन्हें संगठन से जोड़ रहे हैं। संगठन की सक्रिय कार्यशैली एवं शिक्षक हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए पत्थलगांव के श्री रविशंकर पैंकरा, कांसाबेल की श्रीमती साधना भारती, बगीचा की श्रीमती दिव्या ज्योति कुजूर, जशपुर की श्रीमती देवकी प्रधान, कुनकुरी की श्रीमती नमिता नायक, फरसाबहार के श्री अजय डडसेना, दुलदुला के श्री पुरुषोत्तम नेताम, मनोरा के श्री महेन्द्र यादव तथा जिला प्रभारी श्री तूफान सिंह ने प्रदेश कार्यकारिणी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री धर्मदास बंजारे को शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित करते हुए कहा कि संगठन की यह पहल शिक्षक हितों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी पदाधिकारियों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा प्रत्येक शिक्षक तक संगठन की आवाज पहुंचाने का संकल्प भी व्यक्त किया।

जिलाध्यक्ष श्री मुकेश कुमार ने जिले के सभी शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि यदि आपके कोई साथी या मित्र शिक्षक अभी तक संगठन की सदस्यता नहीं ले पाए हैं, तो उन्हें अपने-अपने विकासखंड अध्यक्षों के संपर्क में लाकर सदस्यता दिलाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जितना मजबूत संगठन होगा, उतनी ही मजबूती से शिक्षकों की आवाज शासन तक पहुंचेगी और उनके अधिकारों की रक्षा संभव होगी।

छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ ने विश्वास व्यक्त किया है कि राज्य शासन शिक्षकों की इन न्यायोचित मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा तथा शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेश के हजारों शिक्षकों को राहत प्रदान करेगा। वहीं संगठन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षक हित सर्वोपरि हैं और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष आगे भी पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ जारी रहेगा।

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