कुनकुरी। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक एवं लोकपर्व हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह ग्राम बगिया स्थित मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विधि- विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की गई। जहां मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रत्येक परिवार के मंगल की कामना की।

हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की माटी, कृषि संस्कृति, लोक परंपरा और प्रकृति के प्रति आस्था से जुड़ा प्रमुख पर्व है। इस अवसर पर किसान अपने कृषि उपकरणों एवं पशुधन की पूजा कर अच्छी फसल और समृद्धि की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री निवास बगिया में भी हरेली की परंपराओं का विधिवत निर्वहन करते हुए पर्व मनाया गया।
“हरेली हमारी माटी और संस्कृति की पहचान”
इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और खेती-किसानी की परंपरा से गहराई से जुड़ा महत्वपूर्ण लोकपर्व है। यह पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण, कृषि संस्कृति के सम्मान और अपनी लोक परंपराओं को संजोए रखने का संदेश देता है।

उन्होंने कामना की कि हरेली का यह पावन पर्व प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। साथ ही किसानों के खेतों में हरियाली लहराए और प्रदेश में भरपूर फसल एवं समृद्धि हो।
लोक संस्कृति के रंग में रंगा बगिया
हरेली तिहार के उल्लास के बीच मुख्यमंत्री निवास बगिया भी छत्तीसगढ़ की गौरवशाली लोक संस्कृति और पारंपरिक रंगों में रंगा नजर आया। पूजा-अर्चना के माध्यम से कृषि, प्रकृति और लोकजीवन के प्रति आस्था को अभिव्यक्त किया गया।