एरियर्स से लेकर सर्विस बुक तक… शिक्षकों के हक की आवाज बुलंद, बीईओ को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन।
टीईटी इंद्राज, विशेष अर्जित अवकाश, जनगणना ड्यूटी का बदले अवकाश और हर साल सर्विस बुक सत्यापन की उठी मांग।
जशपुर। शिक्षकों के लंबित एरियर्स, सेवा पुस्तिका में टीईटी एवं अन्य योग्यताओं के इंद्राज, विशेष अर्जित अवकाश, जनगणना ड्यूटी के बदले देय अवकाश तथा प्रतिवर्ष सर्विस बुक सत्यापन सहित विभिन्न सेवा संबंधी मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ, विकासखंड जशपुर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना टोप्पो को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
संघ ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की सेवा पुस्तिका उनके पूरे सेवाकाल का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसमें किसी भी प्रकार की प्रविष्टि लंबित रहने से भविष्य में पदोन्नति, वरिष्ठता, वेतन निर्धारण, अवकाश एवं अन्य विभागीय प्रक्रियाओं में परेशानी खड़ी हो सकती है। ऐसे में सेवा अभिलेखों को समय पर अपडेट करना बेहद जरूरी है।
टीईटी सहित सभी योग्यताओं का हो सेवा पुस्तिका में इंद्राज
ज्ञापन में वर्ष 2019, 2023 एवं 2025 भर्ती से जुड़े सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक विज्ञान एवं शिक्षक संवर्ग के शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में टीईटी प्राथमिक एवं माध्यमिक सहित अन्य शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यताओं का नियमानुसार इंद्राज कराने की मांग की गई।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि टीईटी जैसी महत्वपूर्ण योग्यता का सेवा अभिलेख में दर्ज होना भविष्य की पदोन्नति, वरिष्ठता एवं विभागीय प्रक्रियाओं के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेजी आधार बन सकता है।
विशेष अर्जित अवकाश का भी हो रिकॉर्ड दर्ज।
अनुसूचित क्षेत्र में कार्यरत पात्र शिक्षकों को देय विशेष अर्जित अवकाश का सेवा पुस्तिका में नियमानुसार इंद्राज कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र क्रमांक /1922/स्था.02/अति. अर्जि. अवकाश/ 2026-27, जशपुर, दिनांक 14/08/2026 का उल्लेख करते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
जिला कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती मधु पैंकरा ने कहा कि सेवा पुस्तिका में दर्ज प्रत्येक जानकारी शिक्षक के वर्तमान और भविष्य से जुड़ी होती है, इसलिए इसमें किसी भी जरूरी प्रविष्टि को लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
जनगणना ड्यूटी के बदले अवकाश देने की मांग।
शिक्षकों द्वारा विश्राम दिवस अथवा अवकाश के दौरान जनगणना कार्य किए जाने के बदले नियमानुसार देय प्रतिपूरक अवकाश का लाभ देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
संघ ने छत्तीसगढ़ अवकाश नियम, 2010 के नियम 25, 26 एवं 27 के तहत पात्र शिक्षकों को नियमानुसार अवकाश देने और उसका सेवा पुस्तिका में उचित इंद्राज कराने की मांग की।
प्रवक्ता श्रीमती स्वाति आदित्य ने कहा कि जब शिक्षक शासन द्वारा सौंपे गए महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करते हैं तो उन्हें नियमों के तहत मिलने वाले अधिकार भी समय पर मिलना चाहिए।
हर साल हो सर्विस बुक का सत्यापन।
संघ ने प्रत्येक शिक्षक की सेवा पुस्तिका का प्रतिवर्ष नियमानुसार सत्यापन एवं अद्यतीकरण सुनिश्चित करने की मांग की।
पदाधिकारियों के मुताबिक नियमित सत्यापन से नियुक्ति, पदनाम, वेतन निर्धारण, वेतन वृद्धि, अवकाश, शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण, पदोन्नति सहित अन्य सेवा विवरणों में मौजूद त्रुटियों को समय रहते सुधारा जा सकता है। वर्षों बाद सर्विस बुक की जांच होने पर छोटी गलती भी बड़ी प्रशासनिक समस्या बन सकती है।
तीन बार आवेदन के बाद भी एरियर्स लंबित, संघ ने उठाया मुद्दा।
ज्ञापन में लंबित एरियर्स को लेकर भी संघ ने नाराजगी जताई। पदाधिकारियों ने बताया कि वेतन वृद्धि के समय से संबंधित बचे हुए एरियर्स के भुगतान के लिए संबंधित शाखा के बाबू को तीन बार आवेदन दिया जा चुका है, बावजूद इसके अब तक लंबित राशि जारी नहीं की गई है।
संघ ने बीईओ से मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित शाखा को आवश्यक निर्देश देने और लंबित प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने की मांग की, ताकि पात्र शिक्षकों को उनका आर्थिक लाभ मिल सके।
जिला सचिव श्री विजय कुमार पैंकरा ने कहा कि एरियर्स और वेतन संबंधी मामले सीधे शिक्षकों के आर्थिक हित से जुड़े हैं। लंबे समय तक भुगतान लंबित रहने से शिक्षकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बीईओ ने गंभीरता से सुनी समस्याएं।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद बीईओ श्रीमती कल्पना टोप्पो ने शिक्षक संघ के पदाधिकारियों द्वारा रखी गई समस्याओं को गंभीरता से सुना। संघ ने सभी मांगों से संबंधित आवश्यक जानकारी उनके समक्ष रखी।
बीईओ की ओर से संबंधित मामलों में नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित सेवा एवं आर्थिक मामलों का शीघ्र निराकरण होगा।
शिक्षक हित को लेकर संगठन की एकजुटता।
यह ज्ञापन जिला अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार, प्रांत उपाध्यक्ष श्री राजेंद्र प्रेमी एवं प्रांत अध्यक्ष श्री धरमदास बंजारे के निर्देशन में सौंपा गया।
ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती देवकी प्रधान, संगठन प्रमुख श्रीमती रोशमा तिर्की, मीडिया प्रभारी श्रीमती निकिता नामदेव, सह-प्रवक्ता श्रीमती रंजिता षाड़ंगी, ब्लॉक संरक्षक श्री हरिओम नागेश, सह-सचिव श्री कुलदीप बड़ा सहित अन्य पदाधिकारियों ने शिक्षक हित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया।
संघ ने कहा कि यह पहल किसी एक शिक्षक की समस्या तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में शिक्षकों के सेवा एवं आर्थिक अधिकारों से जुड़ी हुई है। संगठन भविष्य में भी संवाद और नियमानुसार प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षकों की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाता रहेगा।
संघ का संदेश स्पष्ट है—शिक्षक हित सर्वोपरि है और सेवा अभिलेखों की शुद्धता के साथ-साथ शिक्षकों को मिलने वाले प्रत्येक जायज आर्थिक एवं सेवा लाभ का समय पर निराकरण होना चाहिए।