CM साय के आदेश के बाद भी स्कूल का संचालन! कुनकुरी में बारिश के बीच खुले रहे कई स्कूल, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

CM साय के आदेश के बाद भी स्कूल का संचालन! कुनकुरी में बारिश के बीच खुले रहे कई स्कूल, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल


जशपुर/कुनकुरी। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर 26 सितंबर, शनिवार को प्रदेशभर के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया था। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा बाकायदा लिखित आदेश जारी कर सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों को बंद रखने के निर्देश दिए गए थे।


इसके बावजूद कुनकुरी विकासखंड के कई स्कूलों में विद्यालयों का संचालन किए जाने का मामला सामने आया है। इससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और आदेश के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

लिखित आदेश के बाद भी स्कूलों का संचालन, आखिर जिम्मेदार कौन?

मुख्यमंत्री के निर्देश और विभागीय आदेश के बावजूद कुनकुरी विकासखंड के कई स्कूलों में पढ़ाई जारी रहने की जानकारी सामने आई है। जब प्रदेशभर में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवकाश घोषित किया गया था, तब स्थानीय स्तर पर आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित शिक्षा अधिकारियों की थी।


ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद स्कूलों का संचालन कैसे होता रहा? 
क्या संबंधित स्कूलों तक समय पर आदेश नहीं पहुंचा या फिर विभागीय स्तर पर आदेश के क्रियान्वयन में लापरवाही बरती गई?

सुबह 8 बजे के बाद मिली सूचना, BEO का जवाब

इस मामले में जब कुनकुरी विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन साय पैंकरा से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें आज सुबह करीब 8 बजे के बाद सूचना मिली थी, इसलिए वे पहले जानकारी नहीं दे पाए।


हालांकि, उनके इस बयान के बाद भी यह सवाल बरकरार है कि जब 25 सितंबर को ही लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा लिखित आदेश जारी किया गया था, तो संबंधित स्कूलों तक समय पर सूचना पहुंचाने और आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी?

बच्चों की सुरक्षा के आदेश पर लापरवाही क्यों?

भारी बारिश के बीच स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया अवकाश का निर्णय महत्वपूर्ण था। ऐसे में शासन के निर्देशों के बावजूद स्कूलों का संचालन होना शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
अब देखना होगा कि इस मामले में जिला शिक्षा विभाग और प्रशासन क्या कार्रवाई करते हैं तथा आदेश के पालन में चूक के लिए जिम्मेदारी किसकी तय की जाती है।

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