जशपुर के झरनों में ‘मौत की सेल्फी’! खतरे के बोर्ड के बावजूद डेंजर जोन में पहुंच रहे पर्यटक। राजपुरी झरना जलप्रपात में उमड़ रही पर्यटकों की भीड़, सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल।

07/09/2026
जशपुर। बारिश के मौसम में जशपुर जिले के जलप्रपात की खूबसूरती देखते ही बन रही है। यही वजह है कि जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल राजपुरी झरना जलप्रपात में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। लेकिन प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के दौरान कुछ पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।

सेल्फी के लिए डेंजर जोन में पहुंच रहे लोग

जलप्रपातों में पानी का बहाव बढ़ने के बावजूद कई पर्यटक सेल्फी और फोटो लेने के लिए खतरनाक चट्टानों और डेंजर जोन तक पहुंच रहे हैं। कई जगहों पर खतरे की चेतावनी से जुड़े बोर्ड भी लगाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग सुरक्षा व्यवस्था के नियमों की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं।

बारिश में अचानक बढ़ सकता है पानी का बहाव

बारिश के मौसम में जलप्रपातों और नदी-नालों में पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है। चट्टानों पर फिसलन के कारण पैर फिसलने और तेज बहाव की चपेट में आने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में जरा सी लापरवाही पर्यटकों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

इसके बावजूद कई लोग खतरनाक स्थानों तक पहुंचकर फोटो और वीडियो बनाने में जुटे हुए हैं। सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो पोस्ट करने की होड़ में लोग सुरक्षा को नजर अंदाज कर रहे हैं।

मौके पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल

पर्यटकों की बढ़ती भीड़ के बीच इन पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पर्यटकों को डेंजर जोन में जाने से रोकने और लगातार समझाइश देने के लिए पर्याप्त प्रशासनिक अथवा सुरक्षा अमले की मौजूदगी जरूरी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है, ऐसे में प्रशासन को पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती से हादसों की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

हादसे से पहले जागरूक होने की जरूरत

जशपुर के जलप्रपात जिले की पहचान और पर्यटन की बड़ी संभावनाओं वाले स्थल हैं। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। 

अब सवाल यह है कि किसी बड़े हादसे के बाद, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी या फिर उससे पहले प्रशासन सतर्क होकर लोगों को जागरूक करने कदम उठाएगा?

फिलहाल जरूरत है कि पर्यटक भी जिम्मेदारी समझें और खतरे वाले क्षेत्र में जाने, तेज बहाव के करीब पहुंचने तथा जान जोखिम में डालकर सेल्फी लेने से बचें। खूबसूरत नजारे का आनंद लें, लेकिन अपनी सुरक्षा को दांव पर लगाकर नहीं।

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