जशपुर में हाथियों का तांडव! खेतों में घुसा गजराजों का दल, धान की फसल तबाह—ग्रामीणों की लापरवाही बढ़ा रही खतरा।
दो हिस्सों में बंटा हाथियों का दल, 12 हाथियों के विचरण से ग्रामीणों में दहशत; फोटो-वीडियो बनाने हाथियों के बेहद करीब पहुंच रहे लोग।
जशपुर। जिले में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में हाथियों के दल की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथियों द्वारा खेतों में पहुंचकर धान की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि हाथियों का दल दो अलग-अलग स्थानों पर बंटकर विचरण कर रहा है। करीब 12 हाथियों के दल की गतिविधियों से वन विभाग की परेशानी बढ़ गई है। वन विभाग की टीम हाथियों के मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है।
फोटो-वीडियो के चक्कर में हाथियों के करीब ग्रामीण
हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच रहे हैं। कुछ लोग हाथियों के बेहद नजदीक जाकर मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी समय हाथी आक्रामक हो सकते हैं और गंभीर हादसा हो सकता है।
वन विभाग द्वारा ग्रामीणों से लगातार अपील की जा रही है कि हाथियों को देखने या उनका वीडियो बनाने के लिए उनके नजदीक न जाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
इन गांवों के किसानों की बढ़ी चिंता
हाथियों के विचरण से कुनकुरी, इंजको, इला, किलकिला, जोराडोल और तिलडेगा क्षेत्र के किसान अपनी धान की फसल को लेकर चिंतित हैं। खेतों में हाथियों की आवाजाही से फसल नुकसान का खतरा लगातार बना हुआ है।
वन विभाग की टीम हाथियों के मूवमेंट की निगरानी कर रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है, वहीं किसानों की नजर अपनी मेहनत से तैयार हो रही धान की फसल पर टिकी हुई है।