छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के लिए विभागीय TET की मांग तेज, टीचर्स एसोसिएशन ने भेजा प्रस्ताव

दीपक वर्मा - संपादक 
07/03/2026

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के लिए विभागीय TET की मांग तेज, टीचर्स एसोसिएशन ने भेजा प्रस्ताव

डीपीआई में हुई चर्चा के बाद एसोसिएशन ने दिया सुझाव, सेवा सुरक्षा और पदोन्नति से जोड़ने की मांग

छत्तीसगढ़ में कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित करने की मांग तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को पत्र लिखकर विभागीय स्तर पर सीमित TET परीक्षा आयोजित कराने की मांग की है।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि हाल ही में एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल डीपीआई के अधिकारियों से मिला था। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आलोक में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और टीईटी से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने टीईटी परीक्षा देने वाले शिक्षकों की संख्या, बिना टीईटी वाले शिक्षकों पर संभावित प्रभाव और न्यायालयीन पक्षों को लेकर जानकारी ली तथा एसोसिएशन से विस्तृत सुझाव मांगे।

इसके बाद एसोसिएशन ने औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

एसोसिएशन के प्रदेश पदाधिकारी अनिल रावत, एल.डी. बंजारा, जयेश टोपनो तथा जशपुर जिलाध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति के अवसर और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार को ध्यान में रखते हुए विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यदि न्यायालय में पुनर्विचार याचिका खारिज हो जाती है तो टीईटी उत्तीर्ण करने की निर्धारित दो वर्ष की समय-सीमा समाप्त होने का खतरा है। ऐसे में हजारों शिक्षक पदोन्नति और सेवा सुरक्षा के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
ये प्रमुख मांगें रखी गईं।

टीचर्स एसोसिएशन ने सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं—
कार्यरत शिक्षकों के लिए पृथक विभागीय सीमित TET परीक्षा आयोजित की जाए।
परीक्षा का पाठ्यक्रम व्यावहारिक और सेवा-अनुभव आधारित हो।
न्यूनतम उत्तीर्णांक युक्तिसंगत रखा जाए।
आयु सीमा में छूट और सेवा अनुभव को वेटेज दिया जाए।
परीक्षा को पदोन्नति और सेवा नियमितीकरण से जोड़ा जाए।
परीक्षा प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और विभागीय स्तर पर आयोजित हो।
परीक्षा प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक दोनों स्तरों के लिए हो।

परीक्षा के लिए प्रस्तावित प्रारूप
एसोसिएशन ने विभागीय TET के लिए एक प्रारूप भी सुझाया है—

पेपर-I और पेपर-II आयोजित किए जाएं
कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न हों
परीक्षा अवधि 3 घंटे हो।

परीक्षा OMR आधारित ऑफलाइन हो
दोनों स्तर की परीक्षा के बीच कम से कम 15 दिन का अंतर रखा जाए।

सेवाकालीन शिक्षकों के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक 33 प्रतिशत रखा जाए।

प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस प्रस्ताव पर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेना चाहिए।
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