IPL की आड़ में करोड़ों का काला खेल बेनकाब: रायगढ़ पुलिस का सबसे बड़ा एक्शन, ऑनलाइन सट्टा-हवाला सिंडिकेट ध्वस्त

दीपक वर्मा | जशपुर
14/05/2026

IPL की आड़ में करोड़ों का काला खेल बेनकाब: रायगढ़ पुलिस का सबसे बड़ा एक्शन, ऑनलाइन सट्टा-हवाला सिंडिकेट ध्वस्त


                   SSP शशि मोहन सिंह रायगढ़


छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और हवाला नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए रायगढ़ पुलिस ने करोड़ों रुपये के संगठित आर्थिक अपराध सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। आईपीएल मैचों की आड़ में संचालित इस बड़े नेटवर्क पर साइबर सेल, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश देकर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस कार्रवाई में 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, 4 मोबाइल फोन और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई अहम डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया है कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से कमाई गई ब्लैक मनी को हवाला नेटवर्क के जरिए व्हाइट करने का संगठित खेल लंबे समय से चल रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों में करण चौधरी, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल शामिल हैं। पुलिस जांच के अनुसार यह गिरोह रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैले नेटवर्क के माध्यम से ऑनलाइन सट्टे का संचालन कर रहा था। सट्टे से प्राप्त रकम को पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य कारोबारी माध्यमों से खपाकर हवाला चैनल के जरिए आगे ट्रांसफर किया जाता था।

पुलिस ने कृष्णा प्राइड टावर स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकदी बरामद की। मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड, यूपीआई ट्रांजेक्शन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच में यह साफ हुआ कि मामला केवल सट्टेबाजी तक सीमित नहीं, बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी करण चौधरी के खिलाफ पहले से जुआ-सट्टा, मारपीट, रंगदारी और अपहरण जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। 

बीते कुछ वर्षों से वह खुद को आपराधिक गतिविधियों से दूर दिखाते हुए समाजसेवी छवि बनाने की कोशिश कर रहा था। सामाजिक कार्यक्रमों और दान-पुण्य के माध्यम से खुद को एक बड़े समाजसेवी के रूप में प्रस्तुत कर रहा था, लेकिन घरघोड़ा क्षेत्र में सट्टा विरोधी कार्रवाई के दौरान उसका नाम सामने आने के बाद पुलिस की जांच ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं। लगातार आपराधिक गतिविधियों और आर्थिक लाभ के लिए संचालित नेटवर्क के प्रमाण मिलने पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (संगठित अपराध) भी जोड़ी गई है।

बताया जा रहा है कि करीब 10–15 दिन पहले नाम सामने आने के बाद आरोपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने खिलाफ साजिश की बात कहते हुए पुलिस अधीक्षक को संबोधित एक संदेश भी साझा किया था। हालांकि ताजा कार्रवाई के बाद पुलिस को ब्लैक मनी को कारोबार में खपाकर व्हाइट करने के नए तौर-तरीकों की जानकारी मिली है।

फिलहाल इस पूरे सिंडिकेट की अहम कड़ी माने जा रहे जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार की तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने ऑनलाइन सट्टा, हवाला और ब्लैक मनी के नेटवर्क पर सीधा प्रहार किया है।

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