रथ मेले से 14 साल की नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले गया और दुष्कर्म किया, आरोपी सोनू चौहान को 20 साल की सजा; कुनकुरी कोर्ट का सख्त फैसला



कुनकुरी/जशपुर। 
नाबालिग बालिकाओं के खिलाफ अपराध करने वालों पर जशपुर पुलिस की कार्रवाई और मजबूत अभियोजन का असर एक बार फिर सामने आया है। 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में कुनकुरी की विशेष अदालत ने आरोपी सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान (32 वर्ष) को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

माननीय भानु प्रताप सिंह, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एवं पॉक्सो), कुनकुरी ने आरोपी को धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष कठोर कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड तथा धारा 137(2) बीएनएस के तहत 5 वर्ष कठोर कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड से दंडित किया। दोनों सजाएं साथ-साथ भुगताई जाएंगी।

रथ मेला देखने गई थी नाबालिग, आरोपी बहला-फुसलाकर ले गया।

दरअसल यह मामला जून 2025 का है। जब 14 वर्षीय बालिका अपनी छोटी बहन के साथ रथ मेला देखने गई थी। मेले के बाद छोटी बहन घर लौट आई, लेकिन बड़ी बहन वापस नहीं पहुंची। परिजनों ने तलाश शुरू की तो छोटी बहन से जानकारी मिली कि सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।

आरोपी द्वारा छोटी बहन को धमकी दिए जाने के कारण उसने तत्काल घटना की जानकारी परिजनों को नहीं दी। काफी तलाश के बाद 30 जून 2025 को नाबालिग के पिता ने चौकी कोल्हेनझरिया में रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस ने अगले ही दिन बरामद कर आरोपी को धर दबोचा

रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने 1 जुलाई 2025 को नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से बरामद कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष नाबालिग का कथन कराया गया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे प्यार और शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया तथा उसके साथ दुष्कर्म किया।

वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ पेश की मजबूत चार्जशीट

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नक्शा तैयार किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और आवश्यक दस्तावेज एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। जब्त प्रदर्शों को परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा गया और प्राप्त रिपोर्ट को विवेचना में शामिल किया गया।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 137(2), 64(2)(m) बीएनएस, पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

पुलिस की विवेचना और अभियोजन की पैरवी से दोषसिद्धि

इस मामले में तत्कालीन चौकी प्रभारी कोल्हेनझरिया स.उ.नि. टेकराम सारथी एवं उप पुलिस अधीक्षक अजाक भावेश कुमार समरथ की विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और लोक अभियोजक भरत राम यादव की सशक्त पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया।

कुनकुरी विशेष पॉक्सो न्यायालय के इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध गंभीर अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। 

जशपुर पुलिस ने भी नाबालिग बच्चों एवं महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में त्वरित कार्रवाई, प्रभावी विवेचना और मजबूत अभियोजन के जरिए आरोपियों को कठोर सजा दिलाने की कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

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