जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
जशपुर। जशपुर पुलिस ने करीब दो महीने से फरार चल रहे हथियारबंद आरोपी पलटू दास को मुंबई से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी जून 2026 में बूमतेल-सरनाटोली जंगल में इंसास रायफल समेत अन्य हथियार छोड़कर पुलिस घेराबंदी से फरार हो गया था। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, साइबर इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर मुंबई में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया और जशपुर लाकर न्यायालय में पेश किया।

पुलिस के अनुसार, 11 जून 2026 को सूचना मिली थी कि दो हथियारबंद युवक बूमतेल-सरनाटोली जंगल में राहगीरों को डराकर अवैध वसूली कर रहे हैं। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस ने जंगल की घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया। पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए थे, लेकिन मौके से एक इंसास रायफल, एक होममेड रायफल, एक देसी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, चार लोहे के बोल्ट, तलवार, हथौड़ी, कैंची, बैग और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए थे। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान हृदय साहू उर्फ गांगु और पलटू दास के रूप में हुई। हृदय साहू को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी, जबकि पलटू दास लगातार फरार था। पुलिस की विशेष टीम ने उसके मुंबई में छिपे होने की सूचना मिलने पर वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया।

पूछताछ में पलटू दास ने कबूल किया कि उसने और उसके साथी ने हथियारों के बल पर लोगों से अवैध वसूली की योजना बनाई थी। दोनों ने एक युवक-युवती को स्वयं को पार्टी का सदस्य बताकर डराया और उनके परिजनों से 30 हजार रुपये मंगवाकर वसूले। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि जंगल में पुटू (मशरूम) बीनने आई दो युवतियों को हथियार दिखाकर डराया और उनका भोजन भी खाया था।
पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि वह पहले एक नक्सली कमांडर के समूह के संपर्क में रह चुका है। उसने दावा किया कि वर्ष 2012 में जंगल में छिपाकर रखे गए हथियार उसने अपने कब्जे में ले लिए थे। पुलिस इस संबंध में भी गहन जांच कर रही है।

आरोपी के कब्जे से एक रियलमी मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, आरक्षक उपेंद्र सिंह और नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।