शिक्षा के सपनों को मुख्यमंत्री साय ने दी नई उड़ान
दृष्टिबाधित छात्रा जयमंती खेस को मुख्यमंत्री ने भेंट किया टॉकबैक सॉफ्टवेयर युक्त लैपटॉप, शिक्षक बनने के लक्ष्य के लिए बढ़ाया हौसला।
जशपुरनगर, 17 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्राम बगिया स्थित अपने निज निवास में कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गोरिया निवासी कॉलेज छात्रा जयमंती खेस को लैपटॉप भेंट कर उसकी उच्च शिक्षा की राह आसान कर दी। शत-प्रतिशत दृष्टिबाधित जयमंती वर्तमान में डिग्री गर्ल्स कॉलेज, रायपुर में बीए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं।
कलेक्टर जनदर्शन में जयमंती ने पढ़ाई में सहायता के लिए लैपटॉप उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। छात्रा की आवश्यकता और शिक्षा के प्रति उसकी लगन को देखते हुए कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद विभाग द्वारा अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर से लैस लैपटॉप तैयार कराया गया, जिसे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छात्रा को अपने हाथों से प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने पूछा- आगे क्या बनना चाहती हो?
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जयमंती से आत्मीयता से बातचीत करते हुए पूछा, “तुम आगे क्या बनना चाहती हो?” इस पर जयमंती ने कहा कि वह पढ़ाई पूरी कर शिक्षक बनना चाहती हैं। उनकी इच्छा सुनकर मुख्यमंत्री ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं।” उन्होंने जयमंती को लक्ष्य के लिए निरंतर मेहनत करने और पूरी लगन से पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
टॉकबैक सॉफ्टवेयर से अब आवाज के जरिए पढ़ाई
समाज कल्याण विभाग के अधिकारी ने बताया कि जयमंती की जरूरत को ध्यान में रखते हुए लैपटॉप में टॉकबैक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया गया है। यह सॉफ्टवेयर स्क्रीन पर दिखाई देने वाली सामग्री को आवाज के माध्यम से समझने में दृष्टिबाधित व्यक्ति की मदद करता है।
अब जयमंती अध्ययन सामग्री को सुनकर पढ़ाई कर सकेंगी और डिजिटल तकनीक का बेहतर उपयोग करते हुए अपने शैक्षणिक कार्य पूरे कर पाएंगी।
लैपटॉप मिलने पर जयमंती खेस ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह लैपटॉप उनकी पढ़ाई के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा और अध्ययन सामग्री तक उनकी पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी। वहीं दृष्टिबाधा को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनकर आगे बढ़ रही जयमंती की कहानी,, शिक्षा, संकल्प और सरकारी संवेदनशीलता की मिसाल बनकर सामने आई है।