शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर: विभागीय TET पर शिक्षा मंत्री की सहमति, सेवा सुरक्षा और वरिष्ठता से पदोन्नति का रास्ता होगा साफ!


जशपुर / छत्तीसगढ़ में TET को लेकर आंदोलनरत शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के साथ हुई बैठक में शिक्षा मंत्री ने सेवारत शिक्षकों के लिए विभागीय TET आयोजित कराने पर सकारात्मक सहमति जताई है। मंत्री के इस रुख के बाद TET से प्रभावित शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

साल में तीन बार विभागीय TET कराने पर सहमति

बैठक में सेवारत शिक्षकों के लिए सामान्य TET से अलग विशेष विभागीय TET परीक्षा आयोजित करने पर चर्चा हुई। प्रस्ताव के अनुसार यह परीक्षा वर्ष में तीन बार आयोजित किए जाने की बात सामने आई है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर गंभीर है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित योग्यता के दायरे में शिक्षकों को लाने के लिए विभागीय परीक्षा का विकल्प अपनाया जा सकता है।
परीक्षा केंद्रों के रूप में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को बनाए जाने का सुझाव दिया गया है। वहीं न्यूनतम उत्तीर्णांक 33 अंक रखने का सुझाव भी बैठक में रखा गया।

वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का रास्ता निकालने जोर

शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने TET के साथ-साथ पदोन्नति से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। बैठक में पूर्व में हुई DPC के रिक्त पदों पर पुराने नियमों के आधार पर वेटिंग लिस्ट से प्राचार्य पदोन्नति, ई-संवर्ग के व्याख्याताओं की पदोन्नति तथा मिडिल स्कूल/प्राइमरी स्कूल प्रधान पाठक पदों पर वरिष्ठता आधारित पदोन्नति का रास्ता निकालने पर सकारात्मक चर्चा हुई।

पुरानी पेंशन और वेतन विसंगति का मुद्दा भी उठा

शिक्षक संगठनों ने प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना करते हुए पुरानी पेंशन सहित शिक्षक LB संवर्ग को सभी देय लाभ देने की मांग रखी। इसके अलावा शिक्षक संवर्ग में व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर कर केंद्रीय वेतनमान लागू करने की मांग भी बैठक में रखी गई।
इन मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री ने संबंधित प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजने की दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया।

भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन का मुद्दा

शिक्षक संगठनों ने वर्ष 2026 के नए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में आवश्यक संशोधन की मांग भी रखी। इस पर शिक्षा मंत्री ने संगठनों से सुझाव देने को कहा और सुसंगत संशोधन की संभावना पर सकारात्मक रुख जताया।

B.Ed ब्रिज कोर्स पर भी हुई चर्चा

सेवारत शिक्षकों के लिए पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय से B.Ed ब्रिज कोर्स कराने की मांग पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मोर्चा द्वारा 19 अगस्त को ACERT रायपुर में सुझाव पत्र सौंपे जाने की जानकारी दी गई।
मामले में शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को विस्तृत मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने बताया सकारात्मक रुख

बैठक के बाद शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे और केदार जैन ने सरकार के रुख को सकारात्मक बताया। शिक्षक नेताओं ने कहा कि विभागीय TET को लेकर सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिला है और अब संगठन को इसके जल्द क्रियान्वयन की उम्मीद है।

शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है और सरकार को इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाना चाहिए।

आंदोलन में शिथिलता, लेकिन मांगों पर संघर्ष जारी

मोर्चा के अनुसार बैठक में उनकी पांच प्रमुख मांगों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार के सकारात्मक रुख के बाद मोर्चा ने अपने आक्रामक आंदोलनात्मक रवैये में फिलहाल शिथिलता बरतने का निर्णय लिया है। हालांकि सांसदों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक प्रमुखों से मुलाकात कर मांगों के समर्थन में चर्चा का सिलसिला जारी रहेगा।
अब नजर सरकार के अगले कदम पर है—विभागीय TET की घोषणा और सेवा सुरक्षा से जुड़े फैसले लाखों शिक्षकों के भविष्य की दिशा तय कर सकते हैं।

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