जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से गौरव और खुशी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। महज 2 साल 2 महीने के नन्हे हाशिर अली ने अपनी असाधारण प्रतिभा और कमाल की सीखने की क्षमता से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। हाशिर अली का नाम बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, द किंगडम वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और इंटरनेशनल किड्स आइकॉन अवार्ड 2026 से जुड़ी उपलब्धियों में दर्ज हुआ है।
हुसैन अली और तय्यबा बानो के सुपुत्र हाशिर अली ने इतनी कम उम्र में अपनी याददाश्त, पहचान, एकाग्रता, अवलोकन और गतिविधि आधारित कौशल से लोगों को हैरान किया है।
‘यंगेस्ट चाइल्ड’ के खिताब से सम्मानित
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में हाशिर अली को “Youngest Child to Demonstrate Exceptional Early Educational and Activity-Based Skills” की उपाधि से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान प्रारंभिक शैक्षणिक और गतिविधि आधारित असाधारण कौशल के प्रदर्शन के लिए दिया गया है।
वहीं द किंगडम वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से उन्हें “The Little Genius Kid” की विशेष उपाधि से सम्मानित किया गया है।
इंटरनेशनल किड्स आइकॉन अवार्ड 2026 से भी सम्मान
हाशिर अली की उपलब्धियों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। वाचन और शारीरिक गतिविधियों के क्षेत्र में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें इंटरनेशनल किड्स आइकॉन अवार्ड 2026 से भी सम्मानित किया गया है।
फ्लैशकार्ड से लेकर जिम्नास्टिक तक में दिखाया हुनर
महज दो साल की उम्र में हाशिर अली कई तरह की गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। वे फ्लैशकार्ड के माध्यम से शरीर के अंग, आकृतियां, खाद्य पदार्थ, रंग, ऐतिहासिक स्थल, अंतरिक्ष से जुड़ी वस्तुएं, परिवहन के साधन और हिंदी वर्णमाला की पहचान करते हैं।
इसके साथ ही अंग्रेजी और हिंदी की कविताएं आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने के अलावा जिम्नास्टिक और पुल-अप बार जैसी शारीरिक गतिविधियों में भी सक्रियता दिखाते हैं।
परिवार के साथ पूरे जशपुर में खुशी की लहर
नन्हे हाशिर अली की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। परिवार के साथ जशपुर जिले और छत्तीसगढ़ के शुभचिंतकों ने भी हाशिर को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
हाशिर की कहानी यह दिखाती है कि कम उम्र में बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सही मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सीखने का बेहतर माहौल दिया जाए, तो वे अपनी प्रतिभा को नए आयाम तक पहुंचा सकते हैं।
जशपुर के इस नन्हे सितारे ने इतनी कम उम्र में जो पहचान बनाई है, वह निश्चित रूप से परिवार के साथ पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।