पत्थर खदान के धमाकों से ग्रामीणों में आक्रोश, रणजीता स्टेडियम में धरना प्रदर्शन; लीज रद्द और FIR की मांग।कुनकुरी के पंडरीपानी पत्थर खदान का मामला


जशपुरनगर। कुनकुरी के पंडरीपानी स्थित पत्थर खदान में भारी विस्फोट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। गांव में जान-माल और संपत्ति के नुकसान का आरोप लगाते हुए नाराज ग्रामीणों ने रणजीता स्टेडियम में धरना देकर जमकर नारेबाजी की। 

ग्रामीणों ने खदान का लीज तत्काल निरस्त करने और खदान संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर कलेक्टर कार्यालय और सीएम हाउस बगिया का घेराव करने की चेतावनी दी गई है।

विस्फोट से बस्ती तक पहुंचा पत्थर, ग्रामीणों ने जताया हादसे का खतरा

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में किए जा रहे भारी विस्फोट से आसपास के इलाकों में लगातार खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2020 में खदान के लिए खींचे गए विद्युत आपूर्ति तार की चपेट में आने से एक बालक की मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ था।

ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में खदान में हुए भारी विस्फोट के बाद पत्थर का एक बड़ा टुकड़ा बस्ती के पास आकर गिरा। ग्रामीणों के मुताबिक यदि यह पत्थर आबादी वाले क्षेत्र में किसी व्यक्ति के ऊपर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

लीज को लेकर भी उठाए सवाल

ग्रामीणों ने खदान के लीज को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि खदान का लीज वर्ष 2017 में समाप्त हो चुका है और इसके नवीनीकरण के लिए ग्राम पंचायत की ओर से कोई प्रस्ताव जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद खदान का संचालन किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि खदान का संचालन बंद नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। साथ ही सीएम हाउस बगिया का भी घेराव करने की चेतावनी दी गई है।

खनिज विभाग ने लीज को लेकर दी अलग जानकारी

मामले में खनिज अधिकारी विवेक साहू ने बताया कि वर्ष 2016 में गौण खनिज नियमों में संशोधन के बाद राज्य सरकार ने खदानों की लीज अवधि लीज जारी होने की पहली तारीख से 30 वर्ष के लिए बढ़ा दी है। इसके लिए संचालक को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुबंध करना होता है।

उन्होंने बताया कि खदान में होने वाले विस्फोट की अनुमति डायरेक्टर जनरल माइंस एंड सेफ्टी, रायगढ़ से संबंधित है, जबकि पुलिस विभाग द्वारा इसकी निगरानी की जाती है। खदान को लेकर प्राप्त शिकायतों की जांच की जा चुकी है और जल्द ही संचालक को नोटिस जारी किया जाएगा।

संचालक ने आरोपों को बताया तथ्यहीन

खदान संचालक अमित अग्रवाल ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया है। उनका कहना है कि खदान का संचालन पूरी तरह वैध तरीके से और निर्धारित मापदंडों का पालन करते हुए किया जा रहा है।

अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी नजर

पत्थर खदान को लेकर ग्रामीणों के विरोध और खनिज विभाग की जांच के बाद मामला गरमा गया है। वहीं ग्रामीण खदान बंद कराने और लीज निरस्त करने की मांग पर अड़े हैं, ऐसे में अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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