05/08/2026
कुनकुरी का सुप्रसिद्ध दर्शनीय स्थल हनुमान टेकड़ी
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रसिद्ध दर्शनीय एवं धार्मिक स्थल हनुमान टेकड़ी, कुनकुरी में इस वर्ष भव्य एवं भक्तिमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता से सराबोर इस आयोजन में बड़ी संख्या में नगरवासी श्रद्धापूर्वक शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंतर्गत स्वर्गीय श्री गोकुल प्रसाद दीक्षित जी की स्मृति में अपार इंस्टिट्यूट के सौजन्य से मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में युवाओं ने पूरे उत्साह और जोश के साथ हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने मटकी फोड़ने के लिए अपनी टीम भावना और दमखम का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रथम पुरस्कार ₹1100 अनाया बंग तथा द्वितीय पुरस्कार ₹751 प्रभाकर को प्रदान किया गया।
वहीं, जन्माष्टमी के अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चे भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा जी की मनमोहक वेशभूषा में कार्यक्रम में पहुंचे, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों द्वारा आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
इसके पश्चात हनुमान टेकड़ी के आचार्य पंडित गोविंद शर्मा जी के सान्निध्य में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। देर रात तक टेकड़ी परिसर भक्ति गीतों और जयकारों से गूंजता रहा। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव पूरे भक्तिभाव और उल्लास के साथ मनाया गया। जन्मोत्सव के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
हनुमान टेकड़ी के संस्थापक स्व. रमेश बजाज ‘काका’ जी को किया स्मरण।
इस पावन अवसर पर उपस्थित लोगों ने हनुमान टेकड़ी के संस्थापक स्वर्गीय रमेश बजाज काका जी को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि हनुमान टेकड़ी को धार्मिक एवं दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित करने और इस पावन धारा को खड़ा करने में स्व. रमेश बजाज काका जी ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। आज यह स्थल नगरवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। जिसका नेतृत्व उनके सुपुत्र श्री विवेक कुमार बजाज द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम में हनुमान टेकड़ी व्यवस्था समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य, महिला मंडल से सावित्री चौहान एवं ग्रुप सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन में भक्ति, उत्साह और सामाजिक सौहार्द का अद्भुत संगम देखने को मिला। मटकी फोड़ प्रतियोगिता में युवाओं का जोश, बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियां और मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव ने जन्माष्टमी की रात को यादगार बना दिया।
हनुमान टेकड़ी में आयोजित यह जन्माष्टमी समारोह धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।