फरसाबहार CHC पर हाईकोर्ट का सख्त रुख: विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर दायर PIL का निपटारा, सरकार के कदमों से कोर्ट संतुष्ट। कुनकुरी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कुनकुरी विष्णु प्रसाद कुलदीप ने की थी कोर्ट में याचिका दायर।


फरसाबहार CHC में डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर उठे सवाल हाईकोर्ट तक पहुंचे। कोर्ट की सख्ती के बाद डॉक्टरों की पदस्थापना, ड्यूटी व्यवस्था और अस्पतालों में जनरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने कदम उठाए।

जशपुर। फरसाबहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए मामले का निपटारा कर दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने 2 सितंबर 2026 को आदेश पारित किया।

यह जनहित याचिका फरसाबहार क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर अधिवक्ता विष्णु प्रसाद कुलदीप द्वारा दायर की गई थी। 

याचिका में फरसाबहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एनेस्थीसिया, सर्जरी, मेडिसिन, प्रसूति एवं स्त्री रोग तथा शिशु रोग सहित विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।

पहले पांच विशेषज्ञ पद थे खाली।

हाईकोर्ट के समक्ष पेश किए गए स्वास्थ्य विभाग के 3 मई 2024 के हलफनामे में सामने आया था कि फरसाबहार CHC में तीन मेडिकल ऑफिसर पदस्थ थे, लेकिन दो डॉक्टर उच्च शिक्षा के लिए अवकाश पर थे, जबकि तीसरे डॉक्टर प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहीं विशेषज्ञ डॉक्टरों के पांच पद डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण रिक्त थे।

पावर कट से डायलिसिस मरीज की मौत की खबर का भी लिया संज्ञान।

सुनवाई के दौरान कोर्ट का ध्यान 23 अप्रैल 2024 को प्रकाशित एक समाचार की ओर भी दिलाया गया, जिसमें पत्थलगांव सिविल अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित होने के दौरान डायलिसिस करा रहे एक मरीज की मौत की बात सामने आई थी। समाचार के अनुसार अस्पताल में लगे दोनों जनरेटर लंबे समय से खराब थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को राज्य के सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पर्याप्त जनरेटर और आवश्यक चिकित्सा संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।

सरकार ने डॉक्टरों की पोस्टिंग और जनरेटर को लेकर उठाए कदम।

राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 28 जून 2024 के आदेश के माध्यम से डॉ. नीरज गुप्ता और डॉ. विश्वकांत प्रधान को फरसाबहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ किया गया। सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से यह भी बताया गया कि डॉ. के.के. दाहिरे ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के रूप में पदस्थ हैं, जबकि डॉ. नवीन पहाड़ी और डॉ. अभिषेक गुप्ता उच्च शिक्षा से लौटकर अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर चुके हैं। डॉ. विनय भगत भी मेडिकल ऑफिसर के रूप में पदस्थ हैं।

इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक द्वारा प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जनों को अस्पतालों में जनरेटर सेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार के जवाब के बाद हाईकोर्ट ने PIL का किया निपटारा।

राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी और दाखिल हलफनामों को देखते हुए हाईकोर्ट ने माना कि याचिका में मांगी गई राहत पर सरकार द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा चुके हैं। इसके बाद डिवीजन बेंच ने PIL को वर्तमान स्वरूप में निराकृत करते हुए मामले का निपटारा कर दिया।

Post a Comment

Previous Post Next Post